लॉक डाउन में मदद को आगे आये कई स्वयंसेवी संगठन

रीतेश रंजन, आईआईएन/चेन्नई, @Royret
दुनिया भर में फैला कोरोना में वायरस लोगों को परेशान तो कर रहा है, केंद्र और राज्य सरकार ने इससे बचने के लिए लोगों को घर पर रहने की सलाह दी है! लगना उनकी स्थिति में कई लोग इधर-उधर फंसे हुए हैं! इनमें से काफी लोगों की संख्या ऐसी भी है जिन्हें होटल और रेस्टोरेंट बंद होने के कारण भोजन की सुविधा नहीं मिल रही है!
ऐसे लोगों की मदद के लिए कई स्वयंसेवी संगठन, व्यक्ति आगे रहे हैं! लेकिन इनके साथ दुविधा यह है कि राज्य सरकार ने बुधवार को एक फरमान जारी कर यह कहा है कि कोई भी व्यक्ति लोगों में जाकर के भोजन ना बाटे! अब इससे लोगों की और समस्या बढ़ गई है!
संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार की मदद करने को तैयार हैं, सरकारी अधिकारियों की मदद से वह फंसे लोगों तक भोजन पहुंचाना चाह रहे हैं लेकिन प्रशासन उन्हें ऐसा करने से रोक रहा है!
26 तारीख मेरा पड़ा है चेन्नई के अशोक पीपाड़ा और निर्मल मरलेचा ऐसे लोगों को भोजन पहुंचाने का बीड़ा उठाया था इसे उन लोगों ने सरकार के आदेश के बाद अब बंद कर दिया है!
इन्फोडिया की टीम से उन्होंने बताया कि सेंट्रल स्टेशन से उन्हें एक आरपीएफ कर्मी ने फोन करके बताया कि सेंट्रल स्टेशन के पास काफी ऐसे लोग फंसे हुए हैं जिनके पास खाने-पीने की कोई सुविधा नहीं है!
यह जानकारी मिलने के बाद वे लोग तुरंत सेंट्रल स्टेशन पहुंचे और वहां लोगों से मुलाकात की! जगह का मुआयना और लोगों की संख्या जांच होने के बाद उन लोगों ने अगले दिन से इन फंसे लोगों को भोजन मुहैया कराना शुरू कर दिया! इस कार्य में उनकी मदद करने के लिए चेन्नई कॉरपोरेशन भी आगे आया!
इन फंसे लोगों को बाद में शेल्टर होम ले जाया गया! चेन्नई महानगर निगम ने हम दोनों को उस शेल्टर होम में रहने वाले लोगों के खाने-पीने के प्रथम प्रबंध की जिम्मेदारी सौंपी!
जिसके बाद से यह लोग उन लोगों को तीन टाइम का भोजन मुहैया कराने लगे!
लेकिन सरकार के के बाद अब यह निराश हो गए हैं कि उन लोगों तक अब यह सुविधा कैसे पहुंचाई जाएगी!
इस बीच चेन्नई के पंजाब एसोसिएशन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलनी स्वामी को ₹5000000 का सहायता राशि दी!
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी रमेश लांबा का कहना है कि वह राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर के लोगों की मदद करना चाहते हैं!
इसके साथ ही, कोरो ना की रोकथाम के लिए जो पुलिस कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी मौजूद हैं वह उनकी भी मदद करना चाहते हैं अगर सरकार इसकी अनुमति दें तो!


चेन्नई के पांच सितारा होटल रेडिसन ब्लू के प्रबंध निदेशक विक्रम अग्रवाल भी लोगों की मदद के लिए आगे आगे आए हैं!
उन्होंने अपने होटल की ओर से महानगर में फंसे प्रवासी मजदूरों को भोजन मुहैया कराने का बीड़ा उठाया है!
वह बताते हैं की यह जिम्मेदारी केवल सरकार और प्रशासन की नहीं है आमजन को भी इसके लिए आगे आना चाहिए जो लोगों की मदद करने कि मैं सक्षम हूं!
पंजाब यूथ एसोसिएशन रजिस्टर्ड के संजीव कालिया का कहना है कि महानगर में करीब 800 लोगों को वह पिछले कुछ दिनों से भोजन मुहैया करा रहे हैं!
लेकिन सरकार के अचानक आए इस आदेश के बाद उन्होंने यह कार्य रोक दिया है! इसकी वजह से उन्होंने जो तैयारी कर रखी थी वह भी बर्बाद हो रहा है!
वह सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें और उनके जैसे लोग जो में फंसे लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं उनको इस सेवा कार्य के लिए अनुमति दी जानी चाहिए!
स्वयंसेवी संस्था युवा ट्रस्ट के द्वारा नॉर्थ दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों को हमारे कर्फ्यू में और लोगों को जागरूक करने में अपना 100% योगदान दे रहे हैं उनके लिए युवा ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं ने रिफ्रेशमेंट वितरण किया गया.

