‘सबके साथ बांटना और सबकी देखभाल करना’ भारतीय दर्शन की बुनियाद है : उपराष्ट्रपति

आईआईएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial 

पराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज कहा कि ‘सबका कल्याण’ तथा ‘सबके साथ बांटना और सबकी देखभाल करना’ भारतीय दर्शन की बुनियाद है। यह दर्शन युगों-युगों से चला आ रहा है और भारतीय मूल्यों में समाहित है।

केरल स्थित श्री सत्य साईं ऑरफनेज ट्रस्ट के रजत जयंती समारोह में उपराष्ट्रपति ने कहा कि श्री सत्य साईं बाबा भारत के अत्यंत सम्मानित, आध्यात्मिक गुरुओं में माने जाते हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन आध्यात्मिकता को समर्पित किया तथा मानवता को एकता के सूत्र में बांधने के लिए सत्य, प्रेम और शांति का संदेश दिया है।  

श्री सत्य साईं के संदेश ‘मानवता की सेवा ही ईश्वर की सेवा है’ का उल्लेख करते हुए श्री नायडू ने विभिन्न परियोजनाओं के जरिये समाज के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास में न्यास के योगदान की सराहना की।

तिरुवनन्तपुरम में श्री सत्य साईं न्यास की मुख्य परियोजना साईं ग्रामम् का उल्लेख करते हुए श्री नायडू ने इस अवधारणा को महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य से जोड़ते हुए कहा कि गांधी जी का कहना था कि ग्रामराज्य के बिना रामराज्य अधूरा है। उन्होंने वर्षाजल संरक्षण, बायोगैस संयंत्र, सोलर स्ट्रीट लाइट, गोकुलम डेयरी फार्म और कृषि सहित अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए साईं ग्रामम् की प्रंशसा की। उन्होंने कहा कि साईं ग्रामम् भारत में गांवों के विकास के लिए आदर्श है।

श्री नायडू ने केरल को मेलपाथुर नारायण भट्टाथिरी, श्री नारायण गुरु और चित्रा तिरुनल जैसे महान दृष्टाओं की भूमि बताते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार क्षमताएं मौजूद हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए पर्यटन को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘इस कदम से प्रकृति के संरक्षण तथा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को कायम रखने में बहुत सहायता मिलेगी।’

श्री नायडू ने इस बात पर प्रशंसा की कि श्री सत्य साईं ऑरफनेज ट्रस्ट सामाजिक पर्यटन को प्रोत्साहन देकर लुप्तप्राय शिल्पों और पारंपरिक दस्तकारी को दोबारा जीवित करने और उन्हें प्रोत्साहन देने की योजना बना रहा है। उन्होंने कहा, ‘श्री सत्य साईं ऑरफनेज ट्रस्ट दुर्लभ कलारूपों से सम्बंधित कलाकारों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन देने, उन्हें अपनाने, अपनी कला का अभ्यास करने के लिए स्थान देने, इन कलाओं में युवाओं को प्रशिक्षण देने और समय-समय पर कलाओं के लिए मंच प्रदान करने का शानदार काम कर रहा है।’

उपराष्ट्रपति ने ओखी तूफान और केरल में आई बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान बेहतरीन काम करने के लिए न्यास की प्रशंसा की। उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि न्यास समाज की बेहतरी के लिए बढ़िया काम करता रहेगा।

इस अवसर पर केरल राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और विधायक श्री ओमन चांडी, केरल के सहकारिता, पर्यटन और देवस्वोम मंत्री श्री कडकमपल्ली सुरेंद्रन, श्री सत्य साईं ऑरफनेज ट्रस्ट की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ए. लक्ष्मीकुट्टी, सांसद श्री अदूर प्रकाश, विधायक श्री ओ. राज गोपाल, संस्थापक व कार्यकारी निदेशक श्री के. एन. आनंद कुमार तथा अन्य विशिष्टजन उपस्थित थे।

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