लखनऊ कोर्ट में राहुल गांधी पर 200 रुपये का जुर्माना

14 अप्रैल को पेश होने का अंतिम मौका

आईएनएन/लखनऊ,  @Infodeaofficial

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लखनऊ की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट संख्या-27 ने 14 अप्रैल 2025 को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम अवसर दिया है। साथ ही, अदालत ने 200 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

क्या है मामला? राहुल के खिलाफ दर्ज हुआ था केस

वकील नृपेंद्र पांडेय ने वर्ष 2022 में धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) के तहत राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी कर तलब किया था। वकील नृपेन्द्र पांडेय ने परिवाद में आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने 17 दिसंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का नौकर’ और ‘पेंशन लेने वाला’ कहा था। परिवादी नृपेन्द्र पांडेय ने बताया कि यह बयान समाज में वैमनस्य और द्वेष फैलाने की मंशा से दिया गया था। इसके साथ ही, प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहले से तैयार पम्पलेट भी पत्रकारों के बीच बांटे गए थे।

उन्होंने बताया कि कोर्ट ने बयान और गवाहों के साक्ष्य को अदालत ने गंभीरता से लिया। निगरानी अदालत ने भी मामले को दोबारा सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट अदालत को भेजा था। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने बयान और गवाहों के साक्ष्य को अदालत ने गंभीरता से लिया। निगरानी अदालत ने भी मामले को दोबारा सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट अदालत को भेजा था।

सभी तथ्यों और साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए अदालत ने पाया कि राहुल गांधी का बयान समाज में घृणा और वैमनस्य फैलाने वाला था, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए) और 505 के तहत दंडनीय अपराध है। एक अक्टूबर 2023 को याचिकाकर्ता नृपेंद्र पांडेय ने एमपी/एमएलए के विशेष एसीजेएम अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग वाली अर्जी दी थी।

राहुल गांधी ने क्यों नहीं की पेशी?

5 मार्च 2025 को सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से उनके अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल ने अदालत में एक प्रार्थना पत्र (अर्जी) दाखिल किया, जिसमें उन्होंने आज व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न हो पाने की वजह बताई। राहुल गांधी की ओर से पेश अर्जी में कहा गया कि वह इस समय संसद में विपक्ष के नेता हैं। आज (5 मार्च) उनके पास एक विदेशी गणमान्य व्यक्ति से मुलाकात का पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम था। इसके अलावा अन्य आधिकारिक कार्यों में व्यस्तता के चलते वह अदालत में उपस्थित नहीं हो पाए। वह अदालत के आदेशों का सम्मान करते हैं और जानबूझकर पेशी से बचने का प्रयास नहीं कर रहे।

अदालत का फैसला

राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर अदालत ने 200 रुपये का जुर्माना लगाते हुए अगली सुनवाई की तारीख 14 अप्रैल 2025 तय की है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि इस तिथि पर भी राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिकायतकर्ता वकील नृपेंद्र पांडेय ने अदालत में दलील दी कि राहुल गांधी बार-बार समन के बावजूद पेश नहीं हो रहे हैं।अदालत को उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की ओर से पेश हाजिरी माफी की अर्जी का विरोध किया। अदालत ने राहुल गांधी को 14 अप्रैल को अनिवार्य रूप से हाजिर होने का निर्देश दिया है। यदि वह इस तिथि पर भी उपस्थित नहीं होते हैं, तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *