निरंतर विकास और तकनीकी कौशल के साथ भारत अवसरों की धरती बन गया है: ओम बिरला
भारत 21वीं सदी में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने के लिए तैयार है; इस यात्रा में युवाओं को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी: लोक सभा अध्यक्ष
लोक सभा अध्यक्ष ने VELS इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस टेक्नोलॉजी एंड एडवांस्ड स्टडीज (VISTAS) के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया
INN/Chennai, @Infodeaofficial
लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि भारत निरंतर विकास और तकनीकी क्षमता के साथ, अब अवसरों की धरती बन चुका है। उन्होंने आगे कहा कि तमिलनाडु के युवा अपने ज्ञान और कौशल के साथ दुनिया में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अपनी विदेश यात्राओं के दौरान उनका यह अनुभव रहा है कि आईटी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और अन्य क्षेत्रों में भारतीय युवा वैश्विक स्तर पर प्रमुख पदों पर आसीन हैं, जिससे विश्व पटल पर भारत की उपस्थिति बढ़ रही है।
बिरला, VELS Institute of Science Technology and Advanced Studies (VISTAS) के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इंजीनियरिंग, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए संस्थान की सराहना की । इसके साथ ही उन्होंने ज्ञान और शोध कार्यों से अपने करियर को सँवारने और भारत के भविष्य में योगदान देने में छात्रों को सक्षम बनाने के लिए भी संस्थान की प्रशंसा की ।
बिरला ने यह भी कहा कि तमिलनाडु अपनी समृद्ध संस्कृति, भाषा और तकनीकी क्षमता के लिए प्रसिद्ध है और इसके साथ ही यहाँ ज्ञान और आधुनिक तकनीकी शिक्षा का असाधारण तालमेल भी है। उन्होंने कहा कि राज्य के छात्र नए आत्मविश्वास और जोश के साथ, अपने सपनों को सच करने के लिए तैयार हैं और “विकसित भारत” के निर्माण में योगदान देने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युवा न केवल रोजगार अवसरों के सृजन के माध्यम से, बल्कि तकनीकी प्रगति और विनिर्माण के माध्यम से भी राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे ।
यह उल्लेख करते हुए कि भारतीय युवा आत्मनिर्भर, अनुशासित और नए लक्ष्यों को प्राप्त करने का दृढ़ संकल्प रखते हैं, श्री बिरला ने कहा कि भारत 21वीं सदी में वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने के लिए तैयार है, और इसमें युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आग्रह किया ।
VISTAS के नवीकरणीय ऊर्जा, वैकल्पिक ईंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वचालन, मैटीरियल रिसर्च और फार्मास्युटिकल विज्ञान के क्षेत्रों में उन्नत शोध केंद्रों की सराहना करते हुए श्री बिरला ने कहा कि ये केंद्र छात्रों को न केवल उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि शोध और नवाचार के माध्यम से नए लक्ष्यों को प्राप्त करने में उनका मार्गदर्शन भी करते हैं।
बिरला ने कहा कि सफलता और विफलता जीवन का हिस्सा हैं, और हमें दोनों से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विफलता सीखने का अवसर होती है, और प्रत्येक असफलता हमें नए सपनों और लक्ष्यों के पास ले जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे जीवन में कितनी भी बाधाएं आएं, कभी भी उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नए लक्ष्यों और आत्मविश्वास के साथ, एक दिन सफलता जरूर मिलेगी ।
तमिलनाडु की प्रेरणादायी भूमि के बारे में बात करते हुए, बिरला ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों और यहाँ की संस्कृति से राष्ट्र को हमेशा प्रेरणा मिलती है। उन्होंने तमिलनाडु में जन्मे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की उपलब्धियों और प्रेरणादायक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि संघर्षों के बावजूद, दृढ़ संकल्प और विजन से कोई कुछ भी हसिल कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. कलाम की यात्रा हमें यह याद दिलाती है कि सही दिशा और दृढ़ संकल्प के साथ, हम अपने लक्ष्यों तक पहुँच सकते हैं। बिरला ने छात्रों से बड़े सपने देखने, संकल्प करने और कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनके सपने और संकल्प उन्हें सफलता की ओर ले जाएंगे। उन्होंने पी. गोपीनाथ की प्रेरणादायी यात्रा का भी उल्लेख किया, जो पूरी दुनिया के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

