मण्डप महोत्सव ने बिखेरे अपने रंग ‘रंग संगीत’ से हुई शुरूआत

सुरेन्द्र मेहता /आईएनएन/नई दिल्ली @Infodeaofficial

संगीत से शुरू हुआ मण्डप महोत्सव ।

भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय दिल्ली के सहयोग से स्वयंवर सभागार नरेंद्र नगर रीवा मध्यप्रदेश में
मण्डप सांस्कृतिक शिक्षा कला केंद्र के द्वारा आयोजित 4 दिवसीय नाट्य समारोह ‘मण्डप महोत्सव’ की आज शुरुआत हुई । कार्यक्रम की शुरुआत आमंत्रित अतिथि प्रोफेसर सत्यदेव त्रिपाठी, जयराम शुक्ला ,जगजीवन लाल तिवारी कक्का ,चंद्रिका प्रसाद चन्द्र ,चन्द्र शेखर पाण्डेय,राकेश कुमार,सुग्रीव विश्वकर्मा की उपस्थिति में द्वीप प्रज्ज्वलन तथा सरस्वती वन्दना के साथ हुई | महोत्सव के पहले दिन मण्डप स्थापना समारोह दिवस पर शशिकांत कुमार के निर्देशन में रंग संगीत की प्रस्तुति स्थानीय स्वंयवर सभागार में हुई । प्रस्तुति को पूर्णतः रंगमंचीय शैली के रूप में प्रस्तुत किया गया । रंगसंगीत विशेषतः रंगमंच के नाटकों का संगीत होता है जिसमें नाट्य गीतों को कई तरह के मधुर वाद्ययंत्रों के साथ प्रस्तुत किया जाता है । स्वयम्वर सभागार के मंच पर कलाकारों ने शशिकांत कुमार के निर्देशन में 20 गीतों की प्रस्तुति दी । डेढ़ घंटे तक चले इस कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने खूब तालियाँ बजाई और ताल में ताल मिलाकर संगीत का आंनद लेते रहे । रंगसंगीत का आगाज़ ऋषिकेश सुलभ के गीत ‘रामा हो रामा’ तथा भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले भिखारी ठाकुर के गीत ‘ए सजनी’ से हुआ । और फिर एक एक करके श्रृंगार ,वीर,करुण,भक्ति रस से परिपूरित प्रेरणादायक गीतों की प्रस्तुति हुई । इन गीतों में ‘पपीहा बन प्रान’ ,हमन का इश्क़ मस्ताना, चलनी के चालन दूल्हा ,मन तकली,मोरे सजना यहाँ नहीं रहना ,हरि नाम भज ले,पिया मोरे मत जा ,काया का क्यो रे गुमान ,हे रामा,निंदिया उतरी,अल्लाह ये कौन,मन की तरंग मार लो,कसाईबाड़ा,फाँसी का झूला झूल गया मस्ताना भगत सिंह आदि शामिल थे । सुमधुर वाद्य यंत्रों के तालमेल ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी । कार्यक्रम के दौरान सभागार दर्शकों से खचाखच भरा रहा । आपको बताते चलें कि नाट्य महोत्सव में देशभर के प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक,कलाकार, रंग समीक्षक शामिल हो रहे हैं । इन विशेषज्ञों से आमजन भी वार्ता कर सकते हैं जिसके लिए प्रतिदिन गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा । जिनके विषय 11 अगस्त को “कस्बाई रंगमंच की जटिलता” 12 अगस्त को “रंगमंच बनाम फ़िल्म” तथा 13 अगस्त को”लोक रंगमंच में आधुनिक दृष्टि” निर्धारित किये गए हैं । मण्डप महोत्सव के पहले दिन मण्डप आर्ट्स के संरक्षक श्री अशोक सिंह,सचिव श्री विनोद मिश्रा,आर्ट पॉइंट रीवा के निदेशक श्री सुधीर सिंह, शैलेन्द्र द्विवेदी ,लोककलाकार राज तिवारी भोला, वरिष्ठ रंगकर्मी विपुल सिंह ,शशिकांत कुमार,शिब्बू शर्मा,बालकृष्ण मिश्रा,ज्योति तिवारी ,विवेक सेन,,सिद्धार्थ दुबे , शुभम पाण्डेय,अंकित मिश्रा ,नीरज मिश्रा , निशांत मिश्रा आदि कलाकार उपस्थित रहे ।
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2 Responses

  1. शशिकांत कुमार says:

    Infodea online breaking news एवम सुरेन्द्र मेहता सर का बहुत -बहुत आभार कि आपने अपने पेज पर *मंडप नाट्य महोत्सव* को स्थान दिया, हम रंगकर्मियों को आपके सहयोग की बहुत जरूरत है।
    मंडप सांस्कृतिक शिक्षा कला केंद्र रीवा,मध्यप्रदेश की ओर से बहुत- बहुत धन्यवाद सर।

  2. Manoj kumar sharma says:

    Best of luck.

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