मेघालय में फसे बच्चों को बचाएगी प्लेनीस टेक्नोलॉजी

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
मेघालय के कोयले खदान में 13 दिसम्बर से फसे 15 नाबालिकों को निकालने के लिए मेघालय सरकार ने चेन्नई स्थित रोबोटिक सर्च सोल्युशन की मदद ले रही है। पूर्व जैंतिआ पहाड़ी जिले के उपायुक्त एम. डोप्थ का कहना है कि उन्होंने प्लेनीस टेक्नोलॉजी के 14 लोगों को रिमोटली ऑपरेटेड वेहकल (आरओवी) के साथ मेघालय बुला लिया गया है।
आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित प्लानीस टेक्नोलॉजी ने ऐसे रोबोट का निर्माण किया है जो पानी के अंदर जाकर वहां की स्थिति बनाती है। ये 15 नाबालिक बच्चे कोल खदान के 380 फीट अंदर खुदाई कर रहे थे। जहां किसी कारण से पानी घुस गया और ये बच्चे लगभग एक महिने से वहीं फसे हुए हैं।
संभावना यह जताई जा रही है कि किसी पूराने खदान जहां खुदाई बंद थी वहां से यह पानी उस खदान में गया जहां बच्चे खुदाई कर रहे थे। इन बच्चों को बचाने के लिए नेवी और एनडीआरएफ के लोग गोताखोरों को भेज रहे हैं लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। पिछले एक महीने से हाईपावर वाटर पम्प का इस्तेमाल पानी निकालने के लिए भी किया जा रहा है।
फसे हुए बच्चों के मां-बाप का कहना है कि उनके बच्चों को बचाने के लिए सरकार कतई गम्भीर नहीं है राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधि ने घटनास्थल का मुआयना अबतक नहीं किया। यह सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाती है। हालांकी मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री पिछले एक महीने में क्रिसमस, नव वर्ष के मौके पर कई कार्यक्रमों में शामिल हुए पर घटनास्थल पर कोई नहीं आया।

