दवा नहीं जागरूकता व सुरक्षा उपाय ही बचा सकते है कोरोना जैसी महामारी से

विष्णुदेव मंडल, INN/Chennai, @Infodeaofficial
कोरोना महामारी ने पूरे विश्व में कोहराम मचा रखा है। हिंदुस्तान में भी कोविड-19 का केस बहुत तेजी से बढ़ रही है।
भारत के प्रमुख महानगर मुंबई, दिल्ली और चेन्नई में हर दिन 2000 के करीब नए कोरोना के मामले आ रहे हैं, जिसकी वजह से अस्पतालों में बेड की कमी हो रही है।
कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बढ़ती संख्या के अनुपात में किसी भी अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी नहीं है।
इसलिए यह जरुरी है है हम खुद को सुरक्षित रखे। पत्रिका संवाददाता ने सुरक्षा के इन्ही उपायों और मानकों को लेकर महानगर में विभिन्न महिलाओं से बात की और उनकी राय जननी चाही की वह क्या चाहती है और इस महामारी से खुद को और अपने परिवार को बचने के लिए क्या उपाय कर रही है।
बेहतर भोजन देगा बेहतर रोगनिरोधक क्षमता
अध्यापिका आभा पांडे कहती हैं की कोविड-19 महामारी ने अब विस्फोटक रूप इख्तियार कर रखा है!
तत्काल इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है ढूंढा गया तो यह कितनो की ज़िन्दगी निगल लेगा।
एक स्त्री होने के नाते पुरे परिवार की जिम्मेदारी हमरे कन्धों पर आती है।
इसलिए मई अपने साथ सभी गृहणियों को यही सलाह दूंगी की अपने परिवार के लोगों को ऐसे भोजन दे जिससे की रोग निरोधक क्षमता बढे। घर से बहार निकलते समय फेस मास्क जरूर लगाए, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करे और अनावश्यक घर से बहार नहीं निकले।
योग, खान-पान व सुरक्षा इंतज़ाम ही बचा सकता है कोरोना से
रायपुरम निवासी आध्या राय बताती है की वह जिस इलाके में रहती है वह कई कोरोना पॉजिटिव केसेस है यहाँ कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है जो बेहद चिंता का विषय है।
वह कहती है की इस महामारी को प्रकोप को कम करने के लिए मानसिक रूप से और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत जरुरी है।
इसलिए उन्होंने अपने परिवार के लिए योगाभ्यास और पौष्टिक आहार का सेवन डेली रूटीन में शामिल कर दिया है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क लगाएं, बहार से घर वापस आने पर हाथों को साबुन व सेनेटॉयजर से साफ़ करे।
बुद्धि और विवेक ही बचा सकता है इस महामारी से
इरुकंचेरी निवासी प्रीति तिवारी के अनुसार कोरोना ऐसी महामारी है जिसका इलाज अब तक पूरे विश्व में नहीं है।
इस महामारी का सामना हमें बुद्धि और विवेक के साथ करना होगा। इस महामारी से निपटने के लिए हमें सरकार के साथ समन्वय स्थापित करने की जरुरत है।
सरकार ने लॉक डाउन इस बीमारी को रोकने के उद्देश्य से किया गया। लेकिन जब से लॉक डाउन खुला है हम लापरवाह हो गए जो सबके लिए खतरे की घंटी है।
सप्ताह में दो दिन पूर्ण लॉक डाउन की जरुरत
शोलिंगनल्लूर निवासी पिंकी प्रभाकर कहती है कोरोना महामारी महानगर में विकराल रूप ले ली है जिस दिन दिन से अनलॉक शुरू हुआ है कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है।
अब दुबारा लॉक डाउन नहीं लगाया जा सकता है ऐसे में सरकार को चेन को तोड़ने के लिए सप्ताह में 2 दिन पूर्ण लॉकडाउन करना चाहिए।
यह अपने आप में एक नया प्रयोग होगा लेकिन मेरा मानना है की इससे काफी हद तक कोरोना के मामलों पर काबू पाया जा सकता है!
जागरूकता एवं आत्म संयम से ही महामारी से बचने का है उपाय
स्वाति पांडे के अनुसार जागरूकता एवं आत्म संयम से ही इस महामारी से खुद को बचाया जा सकता है।
यह महामारी किसी के घर चल के नहीं जाता हमारी लापरवाही उन्हें न्योता देती हैं।
इसलिए जरुरी है की हम खुद को इस महामारी के बचाव के तरीको के बारे में जागरूक रखे मसलन सामाजिक दूरी, मास्क लगाना, बेवजह घर से नहीं निकलना और हर हमेशा हाथों की सफाई करना।

