मद्रास मेडिकल कॉलेज के दीक्षांत समारोह में गूंजे सपने, शिक्षा सुधार और वैश्विक अवसर

स्वास्थ्य मंत्री के. अरुलराज ने साझा किया छात्र जीवन का अनुभव, फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम और विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं की घोषणा

Ritesh Rajan,INN/Chennai,@royret

चेन्नई: तमिलनाडु के प्रतिष्ठित मद्रास मेडिकल कॉलेज (MMC) के 190वें ग्रेजुएशन एवं रिसेप्शन डे समारोह ‘अथ्यायम’ में शिक्षा सुधार, वैश्विक सहयोग और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। इस अवसर पर तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के. अरुलराज ने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए कहा कि मद्रास मेडिकल कॉलेज में पढ़ना उनका बचपन का सपना था, जो पूरा हुआ।

मुख्य परिसर में आयोजित इस भव्य दीक्षांत समारोह में 70 से अधिक मेडल और पुरस्कार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रदान किए गए। समारोह में छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

“एमएमसी में पढ़ना मेरा सपना था”

अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मद्रास मेडिकल कॉलेज ने उन्हें केवल चिकित्सा शिक्षा ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और आत्मविश्वास भी प्रदान किया। उन्होंने बताया कि कॉलेज के दिनों में मिले अनुभवों ने उनके व्यक्तित्व और करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी सामान्य व्यक्ति के लिए विधायक या मंत्री बनना आसान नहीं होता। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय की राजनीतिक यात्रा को भी प्रेरणादायक बताया।

चिकित्सा शिक्षा में बड़े सुधारों की तैयारी

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी दिशा में मद्रास मेडिकल कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अकादमिक अनुभव प्रदान करना, आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान से जोड़ना और वैश्विक स्वास्थ्य शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है।

डॉक्टरों के लिए विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुरानी सोच को बदलने और स्वास्थ्य पेशेवरों के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार विश्वस्तरीय इनडोर और आउटडोर स्पोर्ट्स स्टेडियम विकसित करने की योजना पर काम कर रही है।

उनके अनुसार, खेल गतिविधियां डॉक्टरों और छात्रों में तनाव प्रबंधन, टीमवर्क और बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देंगी।

190 वर्षों की गौरवशाली विरासत

1835 में स्थापित मद्रास मेडिकल कॉलेज भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक है। लगभग दो शताब्दियों से यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

190वें दीक्षांत समारोह ने न केवल संस्थान की समृद्ध परंपराओं को सम्मानित किया, बल्कि तमिलनाडु सरकार की चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक, वैश्विक और छात्र-केंद्रित बनाने की प्रतिबद्धता को भी उजागर किया।

यह आयोजन छात्रों के लिए नए अवसरों, शिक्षा सुधारों और स्वास्थ्य क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं का प्रतीक बनकर सामने आया।

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