दीदी के धरने पर तमिलनाडु में मिलीजुली प्रतिक्रिया

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial
पश्चिम बंगाल में शारदा चिटफंड मामले के जांच को लेकर वहां की राजनीति गरमाई हुई है| उच्चतम न्यायालय से आदेश मिलने के बाद सीबीआई की टीम कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पूछताछ के लिए पहुंची| जहां पहले तो उन्हें प्रवेश करने से मना किया गया और बदसलूकी की गई|
बाद में राज्य के मुख्यमंत्री के आदेश पर सीबीआई टीम को बंगाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया| इसके बाद दीदी धरने पर बैठ गई| उनका कहना है कि अगर पुलिस कमिश्नर दोषी है तो वह भी दोषी है| उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है| दीदी के धरने को अन्य विपक्षी पार्टियां जैसे एसपी, राजद, आप, इत्यादि पार्टियों का भी सहयोग मिल रहा है|
इस मामले पर तमिलनाडू के नेताओं की भी प्रतिक्रिया मिली जुली है| दीदी के धरने को कांग्रेस और डीएमके ने सही ठहराया वहीं अन्य पार्टियां इसे एक सुनियोजित ड्रामा करार दे रही हैं|
देश के संविधान से उपर कोई नहीं
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष तीरूनावकरसर ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को अपनी उंगलियों पर नचा रही है| साथ ही साथ विपक्षी पार्टियों के विरुद्ध इन एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर रही है|
सीपीआई से ताल्लुक रखने वाले जी रामकृष्णन ने कहा कि ममता बनर्जी को इस मामले में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है| वह अपनी प्रसिद्धि के लिए छोटे से मामले को तूल दे रही हैं|
आई जे के पार्टी के संस्थापक का कहना है कि देश के कानून के ऊपर कोई नहीं है| ममता बनर्जी को सीबीआई की जांच प्रक्रिया में बाधा डालने का कोई हक नहीं है| ऐसा प्रतीत होता है कि वह खुद को कानून से ऊपर समझती हैं|
वहीं केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि सीबीआई सिर्फ अपना काम कर रही है ऐसे में ममता बनर्जी का धरने पर बैठना, जांच में रुकावट पैदा करना है इशारा करता है कि निश्चय ही मुख्यमंत्री के इसमें शामिल है|

