सड़कों के डिजाइन, निर्माण, रख-रखाव और संचालन के लिए राष्ट्रीय मानकों को सम्मिलित करने पर जोर: जनरल वी.के. सिंह

आईआईएन/नई दिल्ली, @Infodeaofficial 

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री (सेवानिवृत्त) डॉ. वी. के. सिंह ने कहा है कि सरकार सड़कों, पुलों और फ्लाईओवरों के डिजाइन, निर्माण, रखरखाव और संचालन के लिए राष्ट्रीय मानकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है।

उन्होंने कहा कि यह गुणवत्ता के उच्च मानकों को बरकरार रखने के साथ-साथ सड़क निर्माण के लिए नवीन प्रौद्योगिकियों और सामग्रियों को अपनाते हुए निर्माण की लागत में कमी लाएगा।

आज नई दिल्ली में फिक्की में सड़क निर्माण के संबंध में नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के बारे में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए जनरल वी.के. सिंह ने देश में सड़क के बुनियादी ढांचे के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी की सराहना की।

उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई औद्योगिक गतिविधियों ने परिवहन क्षेत्र की समग्र वृद्धि में सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि निजी भागीदारी बढ़ाने की सरकार की नीति के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं और भारत 5.8 मिलियन किलोमीटर सड़क नेटवर्क के साथ विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क बन चुका है।

जनरल वी.के. सिंह ने बताया कि देश में लगभग 65 प्रतिशत माल की ढुलाई सड़कों के माध्यम से की जाती है, जबकि कुल यात्री यातायात का 90 प्रतिशत भाग सड़क नेटवर्क के माध्यम से आवागमन करता है।

उन्होंने कहा कि सरकार देश में अच्छी गुणवत्ता वाली सड़कों और राजमार्गों का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने राजमार्ग नेटवर्क को प्रोत्साहन देने के लक्ष्य वाली 66 हजार किलोमीटर से ज्यादा आर्थिक गलियारों, सीमावर्ती और तटीय सड़कों तथा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लक्ष्य वाली भारतमाला परियोजना का उल्लेख किया।

इस परियोजना में 550 जिलों में 4-लेन की कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने, वाहनों की गति में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि करने तथा आपूर्ति श्रृंखला की लागत में 5-6 प्रतिशत कमी लाने की परिकल्पना की गई है।

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