बेहतर कल की आशा दिलाता है केंद्र सरकार का बजट

आईआईएन/चेन्नई, @Infodeaofficial 

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में जो बजट पेश किया है वह बेहतर कल का मार्ग प्रशस्त करता है। रेल मार्ग, सडक़, समुद्र मार्ग के विस्तार और विकास के लिए बजट में जिन बातों का जिक्र केंद्र सरकार ने किया है उनसे यह तो साफ हो गया है कि सरकार आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर काफी गम्भीर है। सागरमाला, भारतमाला जैसी योजनाएं व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। ई-वाहन में छूट पेट्रोलियम उत्पादों पर हमारी निर्भरता घटाएगी।

सोने का धंधा हुआ मंदा
बजट से ज्वेलरी व्यापारियों को काफी उम्मीदें थी लेकिन बजट की घोषणा के बाद सारी उम्मीदें हवा हो गई। यह कहना है एमजेडीएमए के अध्यक्ष जयंतीलाल छल्लाणी का। उन्होंने बताया कि बजट से पहले वित्त मंत्री से मिलकर हमने सोने पर आयात कर कम करने का आग्रह किया था लेकिन उन्होंने उसे कम करने के बजाय बढ़ा दिया है।

इससे धंधा तो मंदा होगा ही, सोने की तस्करी भी बढ़ जाएगी। कीमत बढऩे की वजह से आम आदमी को सोना खरीदने में कोई रुचि नहीं रहेगी। बजट के बाद हमने योजना बनाई है कि इस संबंध में एक बार फिर वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगे।

घोषणाओं के कार्यान्वयन पर निर्भर है सफलता
वित्त मंत्री ने अपनी घोषणाओं में एमएसएमई क्षेत्र के लिए भी घोषणाएं की हैं। सिक्की के अध्यक्ष आर. गणपति ने कहा यह बजट हमें केंद्र सरकार के आगामी पांच साल और उसके आगे की योजनाओं की रूपरेखा देता है।

ई-वाहन से जुड़े व्यवसाय में छूट यह दर्शाती है कि सरकार पेट्रेल पर निर्भरता खत्म करने की योजना है। केंद्र सरकार अब इन वाहनों के लिए कितनी जल्दी आधारभूत ढांचे का विकास करती है इसकी सफलता उसी पर निर्भर है। अब देखना यह है कि इन योजनाओं का कार्यान्वयन कितने बेहतर तरीके से होता है और कितनी जल्दी ये कागजी योजनाएं वास्तविकत रूप में आती हैं।

भारत बन सकता है 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था वाला देश

वन अर्थ प्रोजेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक इंद्रजीत सिंह गिल का कहना है कि इस बजट पर अभी कोई प्रतिक्रिया देना जल्दबाजी होगी, लेकिन मोटे तौर पर देखा जाय तो सरकार ने चौतरफा विकास का खाका तैयार किया है।

वित्त मंत्री ने जो घोषणाएं की हैं वे विकास की योजनाओं का रोड मैप है। अगर इन पर सही तरीके से काम किया गया और घोषणाओं को हकीकत में तब्दील कर दिया गया जो इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भारत आने वाले सालों में 5 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था वाला देश होगा।

युवाओं के लिए कुछ भी उत्साहवर्धक नहीं

बजट से युवाओं को काफी उम्मीद थी कि इस बार केंद्र सरकार उनके लिए जरूर कुछ न कुछ करेगी। रोजगार के अवसरों के नाम पर वही पुरानी घिसी-पिटी बातें दोहराई गई हैं। युवा कांग्रेस नेता अमरदीप का कहना है कि योजनाएं तो कई गिनाई गई हैं पर उनसे रोजगार के कितने अवसर पैदा होंगे?

होंगे भी या फिर यह भी एक जुमला ही साबित होगा। पिछले पांच साल के कार्यकाल में बेरोजगारी रिकार्ड तोड़ रही। केंद्र सरकार को चाहिए था कि युवाओं के लिए विशेष योजनाएं खासकर उनके रोजगार से संबंधित योजनाएं पेश करती।

अच्छा नहीं तो खराब भी नहीं
वित्त मंत्री ने जो बजट संसद में पेश किया है वह अच्छा नहीं तो खराब भी नहीं है। एसआरएम ग्रुप के संस्थापक टी. पारिवेंदर का कहना है कि सरकार ने कई पुरानी योजनाओं का जिक्र तक नहीं किया वे किस स्थिति में हैं। हालांकि कुछ योजनाएं ऐसी हैं जो लोगों के लिए काफी लाभकारी होगा।

जैसे वन नेशन वन ग्रिड, जल प्रबंधन के लिए विशेष मंत्रालय आदि काफी सराहनीय योजनाएं हैं। वहीं एजुकेशन पॉलिसी के बारे में जिक्र तो अच्छा किया गया है लेकिन इसके बारे में कुछ भी विस्तार से नहीं बताया गया है।

महिलाओं के लिए कुछ सराहनीय प्रयास किए गए हैं इससे देश की महिलाओं को उद्योग-धंधे स्थापित करने में मदद मिलेगी।

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